फूलपुर में दर्दनाक हादसा: हाईस्कूल परीक्षा देने निकले दो छात्रों की सड़क दुर्घटना में मौत दोनों के परिवार में पसरा है मातम

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फूलपुर में दर्दनाक हादसा: हाईस्कूल परीक्षा देने निकले दो छात्रों की सड़क दुर्घटना में मौत

आजमगढ़। जनपद के फूलपुर क्षेत्र में एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने दो परिवारों के सपनों को हमेशा के लिए तोड़ दिया। हाईस्कूल की गणित परीक्षा देने जा रहे दो होनहार छात्रों की लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। पहले समीर की मौके पर ही जान चली गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल उसके साथी आकिब ने रविवार देर शाम इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना से सूक्खीपुर गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूक्खीपुर (थाना अहरौला) निवासी समीर (20 वर्ष) पुत्र नसीम और आकिब (19 वर्ष) पुत्र नसीर अहमद बाइक से परीक्षा देने जा रहे थे। दोनों कक्षा 10 के छात्र थे। उनका परीक्षा केंद्र जनता इंटर कॉलेज अम्बारी में निर्धारित था, जबकि वे रिसेंट पब्लिक इंटर कॉलेज गनवारा माहुल के छात्र थे। घर से निकले इन युवाओं के सपनों में परीक्षा और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
शुक्रवार सुबह इब्राहिमपुर गांव के पास सामने से आ रही एक कार से उनकी बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
सूचना मिलते ही अम्बारी पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने समीर को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल आकिब को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाद में उसका इलाज आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। चिकित्सकों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। विद्यालय प्रबंधन की ओर से रक्तदान भी किया गया, लेकिन रविवार देर शाम वह जिंदगी की जंग हार गया।
समीर अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसकी एक बहन है, जबकि उसके पिता नसीम सऊदी अरब में रहकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब आकिब की भी मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परीक्षा केंद्र तक पहुंचने से पहले ही इन दो जिंदगियों का यूं थम जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर गया है। गांव की गलियों में जहां कभी इनकी हंसी गूंजती थी, आज वहां सन्नाटा पसरा है। विद्यालय परिवार, शिक्षक और ग्रामीण सभी स्तब्ध हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
👉 कृपया अपने कम उम्र के बच्चों को बाइक न दें। उनके जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वयं साथ जाकर परीक्षा दिलाने या अन्य सुरक्षित वाहन से भेजने का प्रयास करें, ताकि आपका बच्चा सुरक्षित रह सके।

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