नर्सिंग पेशे के लिए तकनीकी ज्ञान ही नहीं, गहरी करुणा और अटूट प्रतिबद्धता जरूरी- प्रो. धीमन
लखनऊ। एस जी पी जी आई के कॉलेज ऑफ नर्सिंग, में नव प्रवेशित प्रथम वर्ष बीएससी और एमएससी नर्सिंग छात्रों (बैच 2025-26) के लिए एक व्यापक प्रेरणादायक कार्यक्रम में 23 अगस्त 2025 को अंतिम वर्ष के स्नातक और स्नातकोत्तर नर्सिंग छात्रों के लिए एक टैबलेट वितरण समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान के कॉलेज ऑफ नर्सिंग में प्रवेश लेने वाले नये विद्यार्थियों का स्वागत करना और निवर्तमान बैच को उनके शैक्षणिक और नैदानिक उत्कृष्टता के लिए आवश्यक डिजिटल उपकरणों से सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम में एसजीपीजीबीआई के निदेशक, प्रो. आर. के. धीमन ने छात्रों को प्रभावशाली संदेश देते हुए छात्रों से अनुशासित रहने, नियमित उपस्थिति बनाए रखने और महत्वाकांक्षी किन्तु यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह करते हुए ‘ऊंचे लक्ष्य रखें, केंद्रित रहें और अपने उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्ध रहें।’ का ज्ञान देते हुए बताया कि नर्सिंग पेशे के लिए केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि गहरी करुणा और अटूट प्रतिबद्धता की भी आवश्यकता होती है।
एसजीपीजीआई नर्सिंग कॉलेज की प्रोफेसर-सह-प्राचार्य डॉ. राधा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नर्सिंग पेशे में अनुशासन, करुणा और आजीवन सीखने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने नर्सिंग कॉलेज के विजन, मिशन और मूल्यों को रेखांकित करते हुए नए बैच को शैक्षणिक और नैदानिक दोनों ही क्षेत्रों में उत्कृष्टता, नैतिकता और सहानुभूति के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं कर्नल वरुण बाजपेयी (वीएसएम) ने छात्रों को उभरते स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य और रोगी देखभाल में बदलाव लाने में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार के टैबलेट वितरण कार्यक्रम की पहल के तहत, डिजिटल शिक्षा और तकनीकी पहुंच को बढ़ाने के लिए, श्री यादिद्या, एसोसिएट प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ नर्सिंग व विश्वविद्यालय नोडल अधिकारी एसजीपीजीआई और कुलदीप यादव, नर्सिंग ट्यूटर कॉलेज ऑफ नर्सिंग व संस्थान नोडल अधिकारी के सहयोगव सामंजस्य से, मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा 2024-25 के बीएससी और एमएससी नर्सिंग के अंतिम वर्ष के 52 छात्रों को पहली बार टैबलेट वितरित किए गए। कार्यक्रम समन्वयक शबाना खातून, एसोसिएट प्रोफेसर व श्री माता दीन, ट्यूटर, कॉलेज ऑफ नर्सिंग, एसजीपीजीआई ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।