अवैध निर्माण के विरुद्ध निर्गत नोटिस में कार्यवाही समान रूप से होनी चाहिए-मण्डलायुक्त

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मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की 23वीं बोर्ड बैठक हुई सम्पन्न,अवैध निर्माण और अतिक्रमण को सख्ती से रोकथाम का दिया निर्देश

आज़मगढ़ मण्डालायुक्त विवेक की अध्यक्षता में सोमवार को उनके कार्यालय सभागार में आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की 23वीं बोर्ड बैठक सम्पन्न हुई। बैठक को सम्बोधित करते हुए मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि बिना नक्शा पास कराये जिन अवैध निर्माण कार्य के विरुद्ध पूर्व में नोटिस निर्गत की गयी है, उन सभी नोटिसों का अनुपालन होना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि निर्गत नोटिस में सभी अवैध निर्माणकर्ताओं के विरुद्ध कार्यवाही नियमावली के तहत समान रूप से की जाय। मण्डलायुक्त ने कहा ऐसे निर्माण कार्य जो मानचित्र स्वीकृति के बगैर हो रहे हैं, उसे प्रारम्भिक स्तर पर ही रोका जाय, इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बोर्ड के सदस्यों द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र के अन्दर नदी के किनारे हो रहे अवैध निर्माण के सम्बन्ध में अवगत कराये जाने पर मण्डलायुक्त विवेक ने प्राधिकरण के सहायक अभियन्ता एवं सम्बन्धित अवर अभियन्ताओं को निरन्तर भ्रमण कर ऐसे निर्माण को तत्काल रोकने हेतु निर्देशित किया। सदस्यों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि मुख्य मार्ग पर स्थित कतिपय अस्पतालों द्वारा सड़क हेतु छोड़ी गयी जमीन पर टिनशेड डालकर वाहन स्टैण्ड के रूप में प्रयोग किया जा रहा है, जिससे आवागमन बाधित रहता है। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी, आजमगढ़ रविन्द्र कुमार ने विकास प्राधिकरण के सहायक अभियन्ता एवं अवर अभियन्ताओं को निर्देशित किया कि क्षेत्र में संयुक्त रूप से भ्रमण कर सड़कों से अवैध अतिक्रमण के साथ ही नदी किनारे हो रहे अवैध निर्माण को भी रोकें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जल्द ही उनके तथा मण्डलायुक्त द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र का भ्रमण किया जायेगा। उन्होंने आगाह किया कि भ्रमण के दौरान कहीं भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण नहीं मिलना चाहिए तथा जहॉं आवश्यकता है वहॉं सीसीटीवी कैमरे भी लगवाये जाये।

बैठक में विकास प्राधिकरण से सम्बन्धित वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट प्रस्ताव, उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशन-2025 लागू किए जाने, आउटसोसिंग के माध्यम से कर्मचारी रखे जाने आदि सहित कुल 8 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गये। बजट प्रस्ताव में वर्ष 2025-26 की प्रस्तावित आय 770.50 लाख है, जिसमें राजस्व आय 465.00 लाख, सम्पत्ति नामान्तरण/परिवर्तन शुल्क से आय 250.00 लाख एवं अन्य आय 55.50 लाख सम्मिलि है। जबकि वर्ष 2025-26 में प्रस्तावित व्यय 655.50 लाख है, जिसमें राजस्व व्यय (अधिष्ठान) 165.25 लाख, प्रशासनिक व्यय 38.65 लाख, सोशल ऐक्टीविटी मंे व्यय 260.00 लाख एवं अन्य व्यय 191.60 लाख सम्मिलित है। मण्डलायुक्त ने गत वर्ष के स्वीकृत आय एवं व्यय बजट की समीक्षा करते हुए प्रस्तावित बजट को उपयुक्त पाते हुए स्वीकृति प्रदान कर दी गयी। अन्य प्रस्तावों के सम्बन्ध में मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि वर्तमान में नई उपविधि लागू हो चुकी है, इसलिए नई उपविधि के आलोक में परीक्षण कर प्रस्तुत किया जाय। इसके अलावा अन्य विकास प्राधिकरणों से भी सम्पर्क कर तद्नुसार प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाय।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी-प्रशासन/सचिव, आजमगढ़ विकास प्राधिकरण राहुल विश्वकर्मा, मुख्य कोषागाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग महावीर सिंह, सहयुक्त नियोजक नीलेश कटियार, सदस्य प्रेम प्रकाश राय व डा. श्याम नरायण सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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