अधिवक्ता हित 9 सूत्री मांगों को लेकर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन का कलेक्ट्रेट घेराव
आजमगढ़। अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर दी डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन आजमगढ़ की लामबंदी शुक्रवार को भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने “हमारी मांगे पूरी हो, चाहे जो मजबूरी हो” जैसे नारों के साथ जिलाधिकारी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए पूरे कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव किया। प्रदर्शन में बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपना समर्थन प्रदर्शित किया।
प्रदर्शन के उपरांत डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन आजमगढ़ के अध्यक्ष अरविन्द कुमार पाठक एडवोकेट एवं मंत्री रणधीर सिंह ने सभागार में संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता को संबोधित किया। अध्यक्ष अरविन्द कुमार पाठक ने बताया कि 16 दिसंबर 2025 को साधारण सभा के प्रस्ताव के क्रम में जिलाधिकारी आजमगढ़ एवं अन्य राजस्व अधिकारियों को अवगत कराया गया था कि जिलाधिकारी के मौखिक आदेश के कारण न्यायालयों में कालबाधित वाद-पत्र, अपील व तजवीजसानी दाखिल करने से रीडर/पेशकार द्वारा मना किया जा रहा है, जो पूर्णतया विधि के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि भारतीय परिसीमा अधिनियम एक केंद्रीय कानून है, जो विशेष परिस्थितियों में ऐसे वाद प्रस्तुत करने का विधिक अधिकार प्रदान करता है। जिला प्रशासन के उदासीन रवैये से आहत होकर अधिवक्ता 20 दिसंबर 2025 से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। जिलाधिकारी को विधि के विपरीत आदेश निर्गत करने का कोई अधिकार नहीं है।
वहीं मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि तहसील की न्यायिक व्यवस्था में सुधार को लेकर जिलाधिकारी द्वारा दिए गए आश्वासन अब तक केवल आश्वासन ही साबित हुए हैं। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। साथ ही प्रकरण की शिकायत उत्तर प्रदेश शासन से की जाएगी।



