लखनऊ 13 दिसंबर
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 9वीं नेशनल ब्लाइंड फुटबॉल चैंपियनशिप का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मोबिलिटी इंडिया फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर अयाज़ खान अच्छू और उत्तर प्रदेश टीम के प्रबंधक सैयद दानिश हुसैन के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ब्लाइंड फुटबॉल टीम इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग ले रही है। टीम का पहला मैच 15 दिसंबर को सुबह 8 बजे दिल्ली के खिलाफ खेला जाएगा।
अयाज़ खान अच्छू ने हमारे प्रतिनिधि से कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारा प्रयास है कि हर दृष्टिबाधित युवा को खेल के ज़रिए अपनी पहचान बनाने का अवसर मिले। यह चैंपियनशिप उनके जीवन में नई ऊर्जा और आशा का संचार करेगी।

यूपी ब्लाइंड फुटबॉल एसोशिएशन की चयन समिति द्वारा टीम में खिलाड़ियों की पोजीशन इस प्रकार निर्धारित की गई है:
आकाश (कप्तान),तुषार कुमार (उपकप्तान),सौरभ कुमार,मोहित,मोहम्मद लुकमान,अरनब पटेल,मुकुल कटारिया, अब्दुल रहीम (गोलकीपर – साइटेड)
मालिक मोहम्मद जैश (गोलकीपर – साइटेड),इरशाद अली (कोच), सैयद दानिश हुसैन (मैनेजर),अयाज़ खान अच्छू (कोऑर्डिनेटर)
अयाज़ खान अच्छू ने बताया कि डॉ. ए. वाहिद सिद्दीकी, सचिव एवं डायरेक्टर (ब्लाइंड फुटबॉल ऑपरेशन, उत्तर प्रदेश), यूपी ब्लाइंड फुटबॉल एसोशिएशन (UPBFA) के दिशानिर्देशों के अनुरूप ये खिलाड़ी ब्लॉक स्तर से चयनित होकर राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं।

मोबिलिटी इंडिया फाउंडेशन ब्लाइंड फुटबॉल खिलाड़ियों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। अयाज़ खान अच्छू ने कहा, “डॉ. ए. वाहिद सिद्दीकी के मार्गदर्शन और सैयद दानिश हुसैन के प्रबंधन में संस्था का हर कदम प्रेरणादायक है।” उन्होंने यह भी बताया कि अब तक इस दिशा में सीमित कार्य हुआ था, लेकिन संस्था ने ब्लॉक स्तर के प्रतिभाशाली युवाओं को जिला, ज़ोनल, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया है। क्रिकेट, एथलेटिक्स, ब्लाइंड फुटबॉल और सीपी प्रभावित खिलाड़ियों के लिए फुटबॉल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अयाज़ खान अच्छू के अनुसार, दिल्ली में 2024 नेशनल चैंपियनशिप में डॉ. सिद्दीकी को नेशनल एक्सपर्ट की ज़िम्मेदारी दी गई थी, जो संस्था के प्रयासों की राष्ट्रीय मान्यता का परिचायक है। चैंपियनशिप के बाद संस्था सीपी फुटबॉल को विशेष रूप से बढ़ावा देगी, जिसकी तैयार मजबूत टीम पहले से उपलब्ध है। यह दिव्यांग खेलों के नए युग की शुरुआत होगी।
मोबिलिटी इंडिया फाउंडेशन का यह प्रयास खेल से आगे बढ़कर समाज को यह संदेश देता है कि हर व्यक्ति की क्षमता ही उसकी असली पहचान है। संस्था का लक्ष्य है कि कोई भी दृष्टिबाधित युवा अपनी बाधाओं के कारण पीछे न रह जाए।
ग्रासरूट स्तर पर, मोबिलिटी इंडिया फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर की देखरेख में ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लाइंड फुटबॉल की शुरुआत कर दी गई है। अयाज़ खान अच्छू ने बताया कि डॉ. ए. वाहिद सिद्दीकी, जो उत्तर प्रदेश ब्लाइंड फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव एवं डायरेक्टर ब्लाइंड फुटबॉल ऑपरेशन (यू.पी.) हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी ब्लाइंड फुटबॉल टीमों का गठन करने में सक्रिय हैं। डॉ. सिद्दीकी के नेतृत्व में अब तक एसोसिएशन के अंतर्गत 50 से अधिक दृष्टिबाधित बच्चे पंजीकृत हो चुके हैं। डॉ. ए. वाहिद सिद्दीकी ने 1995-96 से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और खेल के माध्यम से पुनर्वास के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया है। वे मोबिलिटी इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक सचिव भी हैं। इस संपूर्ण प्रयास को प्रभावी बनाने और योजनाओं को सफल करने में मोबिलिटी इंडिया फाउंडेशन की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण होगी। यह अभियान दृष्टिबाधित युवाओं को खेल के माध्यम से आत्मनिर्भर और स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा, साथ ही देशभर में ब्लाइंड फुटबॉल के विस्तार में नए आयाम जोड़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय ब्लाइंड फुटबॉल फेडरेशन (IBFF) नेशनल स्तर पर देश की स्टेट-लेवल संस्थाओं को संबद्धता प्रदान करती है। यह इंटरनेशनल ब्लाइंड स्पोर्ट्स फेडरेशन से संबद्ध है। IBFF इंडिया देश में ब्लाइंड फुटबॉल को प्रमोट और विकसित करने की शीर्ष संस्था है, जो पूरे देश में इस खेल का प्रसार कर रही है।



